geet

हम कहना तो चाहते पर कह नहीं सकते, क्या करें?
कह देंगे हम, पर वो सह नही सकते, क्या करें?

हाल ही में एक सुंदर रिश्ता बना है उनका,
हम सिर्फ़ नाजरीन है, क्या करें?
हम तो रहना चाहते थे उनकी बाहों में,
पर पहले से भरी आस्तीन है, क्या करें?

और मुकम्मल होगा ना कुछ भी, ए आफताब,
जिंदगी गमगीन है क्या करें? 
के बस चुका है आशियां उनका, ए आफताब,
जुर्म ये संगीन है, क्या करें?

आपके आगमन से पुलकित है तन मन,
स्वागतम आपका स्वागतम।
(घर पर जाकर ढूंढो)।

Popular posts from this blog

Pathaan

मधुर